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गढ़वाल होली के गीत

गढ़वाल होली के गीत
होली गीत

श्री कृष्ण छोटे सुदामा बड़े थे। 

श्री कृष्ण छोटे सुदामा बड़े थे। (2)गढ़वाल होली के गीत
होली गीत

माखन कहाँ से लांऊ, मेरा रोये कन्हैया

   माखन कहाँ से लांऊ, मेरा रोये कन्हैया। (2)
दुध भी नहीं पीवे, खिर भी नहीं खावे। (2)
    चाहे   तो    बस        माखन         मिश्री। (1)
माखन कहाँ से लांऊ, मेरा रोये कन्हैया। (2)
       माखन कहाँ से लांऊ, मेरा रोये कन्हैया। (2)
ये भी नहीं खेले, वो भी नहीं खेले। (2)
       खेले          तो          बस                गेंदुआ(1)
माखन कहाँ से लांऊ, मेरा रोये कन्हैया। (2)
          माखन कहाँ से लांऊ, मेरा रोये कन्हैया। (2)
                                                  Saurabh rawat
                                                           Writer
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       श्री कृष्ण छोटे सुदामा बड़े थे। (2)
एक दिन गुरूजी ने लकड़ी को भेजा। (2)
       जा बेटा साथ में कुल्हाड़ी भी ले जा। (2)
कुल्हाड़ी के बारे में  दोनों लड़े थे। (2)
        श्री कृष्ण छोटे सुदामा बड़े थे। (2)
एक दिन गुरूजी ने पानी को भेजा। (2)
      जा बेटा साथ में लोटा भी ले जा। (2)
लोटे के बारे में दोनों लड़े थे। (2)
      श्री कृष्ण छोटे सुदामा बड़े थे। (2)
श्री कृष्ण छोटे सुदामा बड़े थे। (2)
                                   Saurabh rawat
                                         Writer
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